चारों अनुयोगों के समुचित स्वाध्याय द्वारा आत्महित — एवं सभी मोक्षार्थी जीवों को एक साथ, एक समूह में बनाए रखने का पुनीत संकल्प।
शिकोहाबाद की आदरणीया दीदीश्री की मंगल प्रेरणा से इस ट्रस्ट की नींव रखी गई। उनके द्वारा रचित प्रवचन एवं भक्ति की रचनाएँ साधर्मियों के आत्मकल्याण का माध्यम बनी हैं।
यूट्यूब चैनल ‘सदा सहज अलका जैन — YSKKJCT’ के माध्यम से दीदीश्री द्वारा रचित प्रवचन एवं भक्ति का लाभ ऑडियो-वीडियो रूप में लिया जा सकता है। ज्ञान-वैराग्यमयी रचनाओं का संकलन श्रीमती सदा सहज अलका जैन के अथक परिश्रम द्वारा हुआ है।
ट्रस्ट की समस्त गतिविधियों एवं सभी सदस्यों को जोड़कर रखने में श्री अनिल भाई की स्वाध्याय के प्रति लगन एवं परिश्रम का विशेष योगदान है — जिनके माध्यम से आज हजारों लोग स्वाध्यायी बन चुके हैं।
ब्रह्मचारी भाई एवं बहिनों को अहिंसक विधिपूर्वक स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराना।
नियमित आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन।
साधर्मियों के लिए सामूहिक तीर्थयात्राओं का आयोजन।
नियमित सामूहिक स्वाध्याय द्वारा तत्त्वचिंतन एवं तत्त्वप्रभावना करना व कराना।
कोरोनाकाल (25.03.2020) से ज़ूम पर सुबह-शाम ऑनलाइन स्वाध्याय — देश-विदेश के सैकड़ों साधर्मी लाभान्वित।
नाटिकाएँ, प्रश्नोत्तर एवं शास्त्र-सजाओ प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण आदि द्वारा नए जीवों को स्वाध्याय में जोड़ना।
निःशुल्क सत्साहित्य घर-घर पहुँचाना।
जिनवाणी का प्रकाशन एवं प्रकाशन में सहयोग करना व कराना।
शिकोहाबाद स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर एवं जैन भवन आश्रम के हितार्थ तन-मन-धन से सहयोग।
रचनाकार: परम आदरणीय प. बा. ब्र. श्री रविंद्रजी ‘आत्मन्’ एवं यशस्वी आदरणीया बा. ब्र. संध्या बहन ‘दीदीश्री’ · संकलन: श्रीमती सदा सहज अलका जैन।
दीदीश्री द्वारा रचित प्रवचन एवं भक्ति — ऑडियो/वीडियो रूप में।
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